जानें कि कैसे IPL टीम के मालिक पैसे कमाते हैं...? | IPL क्रिकेट नहीं, बिज़नेस है

 
        नमस्कार दोस्तो, आज  भी बहुत सारे लोग है जो नहीं जानते की आईपीएल में जब फ्रेंचाइजी पैसे देकर प्लेयर्स खरीदती है  तो फिर उनको प्रॉफिट होता कहा से है...? आईपीएल का बिज़नेस मॉडल क्या है... ? इसीलिए दोस्तों हम इस आर्टिकल में बात करेंगे आईपीएल फ्रेंचाइजी टीम मालिको की इनकम स्रोत के बारे में विस्तार से जानेंगे। दोस्तो आप सभी ने देखा ही होगा जब से आइपीएल की शुरूआत हुई है तब से इसका क्रेज दर्शको में बढता जा रहा है। जब आइपीएल की शुरूआत होती है तब सभी क्रिकेट प्रेमियों एवं पूरे भारत में इसकी पागलपंती अपने चरम सीमा तक पहुँच जाती है। दोस्तो आईपीएल में करोडो का व्यापार चलता है। आइये जानते है यह व्यापार कैसे चलता है और फ्रेंचाइजी मालिक के पास पैसे कहा से आते है और कैसे आते है... ?

     दोस्तो आपको बता दें कि खिलाडियो की नीलामी के लिए प्रत्येक फ्रेंचाइजी मालिक के पास अधिकतम 80 करोड बैलेंस होते है इन्ही पैसो से खिलाडियो को खरीदना होता है। इन खिलाडियो की टीम बनाकर फ्रेंचाइजी मालिक इनकी प्रैक्टिस की भी व्यवस्था करता है इन सब के लिए बहुत सारे पैसे इनवेस्ट करने पडते है। लेकिन हम सभी जानते है कि आइपीएल विनर टीम को सिर्फ 20 करोड ही मिलते है और रनर अप टीम को 12 करोड 50 लाख। आइये जानते है इस स्थिति में भी फ्रेंचाइजी मालिक अपनी इनकम कैसे बढाते है...?

     दोस्तो फ्रेंचाइजी मालिको के इनकम के बहुत सारे स्रोत है जिनमें से कुछ प्रमुख स्रोतो के बारे में आज हम चर्चा करेंगे - 


  • मीडिया राइट्स : आइपीएल लाइव दिखाने के लिए बीसीसीआई टीवी चैनल्स एवं अन्य इन्टरनेट साधनो को मीडिया राइट्स बेचकर मोटी रकम वसूलती है। आइपीएल के शुरूआत में मीडिया राइट्स सोनी पिक्चर्स ने 10 वर्ष के लिए 4000 करोड की मोटी रकम देकर खरीद ली थी। वर्तमान में मीडिया राइट्स स्टार इंडिया के पास है। स्टार इंडिया ने 5 वर्ष के लिए 16350 करोड की बोली लगाकर मीडिया राइट्स ले ली है। यह रकम बीसीसीआई एवं फ्रेंचाइजी मालिक के बीच बांट दी जाती है।

  • टाइटल स्पांसरषिप : दोस्तो आइपीएल की शुरूआत 2008 से हुई थी तब आइपीएल के साथ डीएलएफ टाइटल जुडा हुआ था। 2013 से पेप्सी आइपीएल परन्तु 2016 में टाइटल स्पांसरशीप विवो ने 2199 करोड रू देकर खरीद ली है। यह रकम भी फ्रेंचाइजी मालिक एवं बीसीसीआई में बांट दी जाती है।

  • टिकट : मैच टिकट से जितना पैसा एकत्रित होता है वह पैसा मैच खेलने वाली टीमो एवं आर्गेनाइजर के बीच 20: 80 के अनुपात में बांट दी जाती है।

  • प्राइज मनी : आइपीएल में चैंपियन टीम को 20 करोड एवं रनर अप टीम को 12 करोड 50 लाख रू दिए जाते है। यह रकम फ्रेंचाइजी मालिक एवं खिलाडियो के बीच 50: 50 के अनुपात में बांट दी जाती है। 
  • विज्ञापन : अपनी टीम के  खिलाडियो द्वारा किसी ब्रांड अथवा कंपनी को विज्ञापन द्वारा प्रमोट करने से भी उन्हें ही पैसा मिलता है। दोस्तों हम समझते है की ये पैसे खिलाड़ियों को मिलते है पर ऐसा नही होता है, जब तक आईपीएल चलती है तब तक वो विज्ञापन करते है तो वो पैसे फ्रेंचाइजी को ही मिलते है। 

    दोस्तो इसके अलावा और भी बहुत सारे तरीको से फ्रेंचाइजी मालिक अपनी इनकम स्रोत बढाते है। जैसे जर्सी पर किसी कंपनी अथवा ब्रांड को प्रमोट करना, अपनी टीम के जर्सी और अन्य उत्पाद बेच के। आदि अन्य तरीको से फ्रेंचाइजी मालिक अपने इनकम को बढाती है।

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