ये ग्रह पृथ्वी से टकराकर कर देगा पृथ्वी को नष्ट...

पिछले कुछ दशकों से मनुष्य तकनीकी ज्ञान में इतना विकसित हो चुका है कि हमें हमारे अंतरिक्ष के बारे में बहुत सारी रहस्यमयी और अदभुत जानकारी प्राप्त है। जिनमें से कुछ जानकारी अभी भी अनसुलझा हुआ रहस्य है। इसी अनसुलझी हुई जानकारी के क्रम में हमें एक ऐसी क्षुद्रग्रह के बारे में जानकारी मिली है जिसके अध्ययन से हमें पृथ्वी की संरचना एवं बनावट के संबंध में बहुत सारी रहस्यमयी जानकारी प्राप्त हो सकती है। यह क्षुद्रग्रह आदिकाल में पृथ्वी का ही एक हिस्सा था जो कि किसी कारणवश पृथ्वी से अलग हो गया था। ये क्षुद्रग्रह आज भी पृथ्वी से बहुत दूर है और अपनी कक्ष में सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। वैज्ञानिकों का ऐसा अनुमान है कि यह क्षुद्रग्रह एक दिन पृथ्वी से टकरा जाएगा और पृथ्वीवासियों को इसका बहुत बुरा परिणाम भुगतना पड़ सकता है। आइए दोस्तों जानते हैं इस क्षुद्रग्रह के बारे में विस्तार से और उस दिन का जिस दिन या क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराएगा।



       11 सितंबर सन् 1999 को "लिंकल्न नियर-अर्थ स्टीरॉयड रिसर्च (LINEAR)" ने एक छुद्रग्रह की खोज की।  23 सितंबर सन् 1999 को "डीप स्पेस नेटवर्क" से राडार इमेजिंग के द्वारा इस क्षुद्रग्रह की तस्वीरें खींची गई। यह धरती के बहुत करीब से गुजरा था। इस क्षुद्रग्रह का नाम बेन्नू 101955 (BENNU 101955) रखा गया था। यह बेनू नामक क्षुद्रग्रह हमें हमारे अस्तित्व के बारे में बताने वाला है क्योंकि यह पहले हमारी धरती का ही एक भाग था। यह कार्बोनेेशियस क्षुद्रग्रह(बेनू) धरती के कक्ष के बहुत नजदीक से ही सूर्य की परिक्रमा करता है।

      18 सितंबर सन् 2016 को OSIRIS-REx प्रक्षेपित किया गया जिसका उद्देश्य था बेनू क्षुद्रग्रह पर लैंड कर उसका सैंपल लेकर वापस धरती पर आना। वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार सितंबर 2023 तक OSIRIS-REx वापस धरती पर आ जाएगा। अर्थात यह मिशन 7 वर्षों तक चलेगा। यह मिशन सुनने में जितना आसान लग रहा है वास्तव में उतना आसान नहीं है। इस मिशन की कुल लागत 800 मिलीयन डॉलर है यानी कि 5,55,52,00,00,000 रुपए है।

      ताजा जानकारी के अनुसार 3 सितंबर सन् 2018 को OSIRIS-REx 2 सालों के लंबे समय अंतराल के बाद छुद्र ग्रह बेनू के बहुत नजदीक तक पहुंच चुका है। इस OSIRIS-REx ने बेनू की एक स्पष्ट तस्वीर भी भेजी है। इन तस्वीरों की मदद से हमें पहली बार ऐसा मौका मिला है कि हम किसी छुद्रग्रह को इतने करीब से देख सके हैं।

     वैसे तो सौरमंडल में बहुत सारे क्षुद्रग्रह है परंतु यह बेनू नामक क्षुद्रग्रह हमारे लिए कुछ ज्यादा ही विशेष प्रकार का है। देखने में यह क्षुद्रग्रह लड्डू की तरह गोल घूमती हुई दिखाई देती है। यह क्षुद्रग्रह 4.3 घंटों में अपने अक्ष पर एक परिक्रमा पूर्ण करता है। बेनू की परिक्रमा करने की गति समय के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। गणना के अनुसार वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सितंबर सन् 2060 में बेनू धरती से करीब 7 लाख 50 हज़ार किलोमीटर दूर से गुजरेगा और सितंबर सन् 2135 में करीब 3 लाख किलोमीटर की दूरी से धरती से गुजरेगा अर्थात चांद जितनी दूरी से धरती से गुजरेगा। सितंबर सन् 2175 में बेनू धरती से टकरा सकता हैए परंतु इसकी संभावना बहुत ही कम है। इस क्षुद्रग्रह का धरती पर टकराने की संभावना 24 हज़ार में से एक (1/24,000) है। परंतु फिर भी अगर यह बेन्नू धरती से टकरा गया तो पूरे एक शहर को नष्ट करने की क्षमता रखता है। चूंकि बेनू की धरती पर टकराने का समय अभी बहुत दूर है इस कारण वैज्ञानिक अभी सिर्फ बेनू के अध्ययन पर लगा हुआ है जिससे कि हमें निश्चित ही हमारे उत्पत्ति एवं ब्रह्मांड की उत्पत्ति के संबंध में बहुत सारी रहस्यमयी जानकारी प्राप्त हो सकती है।

       सितंबर सन् 2023 को OSIRIS-REx बेनू पर अपना मिशन पूरा करके वापस धरती पर आएगा अर्थात बेनू की सतह की कुछ सैंपल लेकर वापस धरती पर आएगा। जिसके अध्ययन से हमें निश्चित ही बहुत सारी नयी जानकारी प्राप्त हो सकती है। दोस्तों अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कीजिए और हमारे फेसबुक पेज को लाइक कीजिए ऐसी ही चटपटीए मजेदार और रहस्यमयी आर्टिकल्स के लिए...



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